गुरुवार, 9 अप्रैल 2009

"वोट की चोट" दे रही है अप्पन समाचार की रिपोर्टर

जी हाँ ! इस चुनाव में अप्पन समाचार की महिला रिपोर्टर भी सक्रिय हैं । "वोट की चोट" कार्यक्रम के जरिये वे मतदाताओं को तो जागरूक कर ही रही हैं । साथ ही, प्रत्याशियों के भी पसीने छुरा रही हैं सवालों के बौछारों से । बिहार के वैशाली एवं मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र के गाँव में घूम-घूमकर ये महिला रिपोर्टर कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीण वोटरों को वोट की ताकत के बारे में एहसास करा रही हैं । साथ ही, उनसे मतदान में भाग लेने की भी अपील कराती हैं । ७ अप्रैल को रामलीला गाच्ची में "वोट की चोट" कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमे स्थानीय नेता एवं वोटर शामिल हुए । रिपोर्टर अनीता, नीरज, प्रिया एवं एंकर खुशबू ने इन दोनों के बीच चुनावी सरगर्मियों पर जमकर संवाद कराया । इनका साथ दे रहे थे पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता अनिल रत्ना ।

आपको बता दे कि यह इलाका वैशाली लोकसभा का पश्चिमी क्षेत्र है । यहाँ से बाहुबली मुन्ना शुक्ला जनता दल यू से अपना भाग्य आजमा रहे हैं, वहीं भारत सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह राजद से चुनाव लड़ रहे हैं । मुन्ना शुक्ला पर कई आपराधिक मामले चल रहे हैं, लेकिन साफ- सुथरा सरकार देने का वादा कराने वाली नीतिश सरकार दागियों को चुनाव में उतरा है ।

इधर, सरैया में भी वोट की चोट कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम का सञ्चालन रिपोर्टर पूजा प्रीतम एवं पत्रकार टी एन सिंह ने मिलकर किया । कैमरा चला रही थी सरोज कुमारी । लोकसभा इलेक्शन पर वोटर्स एवं स्थानीय राजनितीक कार्यकर्ता व नेताओं के बीच परिचर्चा के जरिये जागरूकता पैदा कराने का काम किया अप्पन समाचार टीम ने । दागियों को वोट न देने की अपील की गयी । इस कार्यक्रम में स्थानीय राजद के पूर्व विधायक मिथिलेश प्रसाद यादव एवं जनता दल यू से जुड़े स्थानीय नेता राजकुमार साह भी मौजूद थे ।

मरवान में भी वोट की चोट के जरिये मतदाताओं को जागरूक कराने का काम किया गया । अप्पन समाचार की न्यूज़ एडिटर नीरू चौधरी एवं वीडियो एडिटर रिंकू कुमारी ने कार्यक्रम का सञ्चालन किया। यहाँ, पुरूष एवं महिला मतदाताओं ने इस संवाद में जमकर नेताओं के करतूतों के खिलाफ बोला । साथ में थे अप्पन समाचार से जुड़े राजेश कुमार ।

जनतंत्र मजबूत कराने के लिए---
देश के विकाश के लिए---
दागियों को भागने के लिए---
सच्चे को चुनने के लिए---

s# देनी होगी #
"वोट की चोट"

1 टिप्पणी:

alka sarwat ने कहा…

प्रिय बन्धु / आदरणीय देवी जी
बहुत अच्छा लगा आपका लेखन
आज कल तो लिखने पढने वालो की कमी हो गयी है ,ऐसे समय में ब्लॉग पर लोगों को लिखता-पढता देख बडा सुकून मिलता है लेकिन एक कष्ट है कि ब्लॉगर भी लिखने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं जबकि पढने पर कम .--------
नई कला, नूतन रचनाएँ ,नई सूझ ,नूतन साधन
नये भाव ,नूतन उमंग से , वीर बने रहते नूतन
शुभकामनाये
जय हिंद