गुरुवार, 28 फ़रवरी 2013

जिंदगी की जंग जीत लेंगे हम


  • स्नेहलता उर्फ़ इंदुरानी
मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत मीनापुर प्रखंड के मानिकपुर गाँव की साहसी, बहादूर महिला बच्ची देवी पर यह उक्ति चरितार्थ होती है। बच्ची देवी उस व्यक्तित्व का नाम है, जिसने विषम परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। समय के क्रूर थपेड़े ने भी उसे नहीं डिगाया। तीन-तीन मासूमों को उसके गोद में डाल पति काल के गाल में समा गए। चारों ओर अंधेरा ही अंधेरा। पति द्वारा छोड़े गए बंजर जमीन और लीची की बागवानी को उसने पूंजी बनाई और चल पड़ी अपनी मंजिल की ओर। आज वह स्वयं खेतों में काम करती है, अनाज उपजाती हैं, सब्जियों की खेती करती हैं। आज वह झोपड़ी में नहीं, ईंट का पक्का मकान उसके पास है। अनाजों से भरा पूरा भंडार है। उसके बच्चे निजी स्कूल में पढ़ने जाते हैं। उसके पास सब कुछ है केवल घमंड छोड़कर। उसने अपने काम को कभी प्रतिष्ठा नहीं बनाया। वह सब्जी लेकर हाट-बाजार स्वयं जाती हैं। सभी प्रकार के लेन -देन का काम स्वयं करती है। समाज के लोग भी उसकी हिम्मत की दाद देते हैं। उसके द्वारा उठाये गए कदमों की प्रशंसा करते हैं। सच ! वह शक्तिस्वरूपा देवी है। हम कमजोर नारियों के लिए आदर्श हैं। जिंदगी के जंग में सफल होनेवाली इस देवी को शत-शत नमन!

(स्नेहलता केजीबीवी में शिक्षिका हैं। हमने इनके लिखे लेख को हूबहू प्रकाशित किया है। अप्पन समाचार की ओर से इन्हें एवं स्कूल की छात्राओं को लगातार मीडिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। )

ये है पगडंडी की पत्रकारिता

रिपोर्टिंग के लिए निकलतीं छात्राएं 
दलित महिला से पूछताछ करतीं गाँव की रिपोर्टर  
योजनाओं के बारे में जानकारी लेतीं कविता व नीतू  
दलित, महादलित, अल्पसंख्यक व पिछड़े समुदाय की लड़कियां पगडंडी की पत्रकारिता को नया आयाम दे रही हैं। मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड स्थित केजीबीवी की दर्जनों छात्राएं २७ फ़रवरी को पढ़ाई करने के बाद  आसपास के गांवों गोपालपुर नेउरा, छितरी माधोपुर के गरीब-गुरबों का दुःख-दर्द जानने निकलीं। हांथों में डीवी कैमरा, कलम लेकर निकलीं तो देखने वाले देखते ही रह गये. चार समूह में बंट कर चार स्टोरी तैयार करने के लिए लोगों से मिलकर उनकी आर्थिक व सामजिक स्थिति की पड़ताल की। कविता, नीतू, अंजलि, रीमा, सविता, काजल, लक्ष्मी, रानी, प्रियंका, सरिता, अन्नू, शोभा, उषा, सोनी, रूबी, गुड्डी, विभा आदि छात्राओं को खबरों की समझ बनाने के लिए अप्पन समाचार अमृतांज इंदीवर साथ-साथ चल रहे थे। बता दें कि अप्पन समाचार इन लड़कियों को नागरिक पत्रकारिता का प्रशिक्षण दे रहा है. इस फिल्ड रिपोर्टिंग के दौरान इन लड़कियों के माथे पर पसीने जरूर थे, पर शिकन व थकावट थोड़ी-सी भी नहीं दिख रही थी। इन लड़कियों की टीम ने फिल्ड में निकलने से पहले गाँव की समस्यायों पर समूह चर्चा की। फिर स्टोरी के लिए विषय का चयन किया। फिल्ड में जाकर समूह चर्चा में तय बिन्दुओं पर विस्तार से लोगों से बातचीत की। आंकड़े इकट्ठे किये। स्थानीय जनप्रतिनिधियो एवं गाँव के प्रबुद्ध लोगों से उनके संबंधित समस्याओं पर जानकारी इक्ट्ठा की। फिल्ड रिपोर्टिंग से लौटने के बाद टीम की लड़कियों ने कार्डबोर्ड पर समाचार लिखा। इसके बाद सभी समूह की लड़कियों ने अपना-अपना प्रेजेंटेशन दिया।

फिल्ड से लौट कर टीम के साथ समाचार लिखतीं कविता 
हम त अछूत हैं 
माधोपुर छितरी स्थित डॉम बिरादरी की एक महिला राजकुमारी देवी व वदंता देवी ने बताया कि हमारे यहाँ आजतक कोई भी पत्रकार हमारी स्थिति जानने नहीं आया। लोग हमें अछूत समझते हैं। इस टोले में करीब ५० लोग हैं, पर सभी के सभी अशिक्षित हैं। इनकी रोजी-रोटी बॉस की टोकरियाँ, डगरा, सूप आदि बनाकर चलती है।

गुरुवार, 14 फ़रवरी 2013

छात्राओं के बीच मीडिया कार्यशाला

अप्पन समाचार की ओर से अन्य पिछड़ा कन्या आवासीय 10+2 उच्च विद्यालय, खबरा (मुजफ्फरपुर) में दो दिवसीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन हुआ। 13-14 फरवरी को आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन रंधीर कुमार वर्मा (उपनिदेशक, कल्याण विभाग, तिरहुत प्रमंडल) ने किया। उन्होंने कहा कि अप्पन समाचार का यह कार्यक्रम गाँव की बच्चिओं के व्यक्तित्व निर्माण के लिए काफी अच्छा है। मुख्य अतिथि जिला कल्याण पदाधिकारी नरेन्द्र कुमार शर्मा  ने कहा कि लड़कियाँ देश की भविष्य है। उसमें देश, लोकतंत्र और मीडिया के बारे में जानकारी होना जरूरी है। गाँव की लड़कियाँ कैमरा हाथ में थाम  कर समाज को बदल  रही है साथ ही महिला सशक्तिकरण की दिशा में  अप्पन समाचार ने अनोखा काम किया है। पूरे देश के लिए गौरव की बात है। संतोष सारंग ने कार्यशाला में  लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर छात्राओं को जानकारी देते हुआ पत्रकारिता के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए नागरिक पत्रकारिता की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला में अप्पन समाचार की संपादक रिंकू कुमारी ने लडकियों को अप्पन समाचार में खबर कवरेज व् लेखन पर जानकारी दी। दौनिक प्रभात खबर के उप संपादक सुमित सुमन ने खबर लेखन और अख़बार की बारीकियों से अवगत कराया। अमृतांज इन्दीवर ने अप्पन समाचार की शुरुआत और कैमरा, ट्राई पोड व् फुटेज-बाइट की जानकारी दी। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाध्यापक गणेश यादव, आरडीएस कालेज के प्रोफेसर डॉ प्रमोद कुमार, सहायक शिक्षक उमाशंकर यादव, अप्पन समाचार के प्रोडक्शन मैनेजर राजेश कुमार मौजूद थे।
      कार्यशाला के दूसरे दिन छठीं कक्षा की चंदा कुमारी ट्रेनिंग टीम से मिलते ही अपनी कविता और समाचार लेखन का सैम्पल दिखाया तो टीम दंग रह गयी। लोकतंत्र और मीडिया के बारे में दी गयी सारी जानकारियां  उसे कंठस्थ कर ली। अत्यंत पिछड़ा कन्या आवासीय 10+2 उच्च विद्यालय की 195 छात्राओं (6 से 12वीं कक्षा की) ने कार्यशाला में भाग लिया। रेशमी, रूबी, पूजा, चंदा, प्रियंका, भारती, सुषमा, माधुरी, निभा, ज्योति, पायल आदि छात्राओं ने विद्यालय पर स्टोरी कवर किया।


संचालन करते शिक्षक उमाशंकर यादव। मंचासीन उपनिदेशक, कल्याण विभाग, तिरहुत प्रमंडल  रंधीर कुमार वर्मा, जिला कल्याण पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर नरेन्द्र कुमार शर्मा एवं प्राचार्य गणेश प्रसाद यादव।







Prabhat Khabar, Muzaffarpur, 14 February 2013
                             

शनिवार, 19 जनवरी 2013

आप देख रहे हैं अप्पन समाचार बुलेटिन

   
17 जनवरी 2013 को रामलीला गाछी हाट में अप्पन समाचार बुलेटिन की स्क्रीनिंग हुई। देखिये कैमरे की नजर से-

सोमवार, 14 जनवरी 2013

स्कूली छात्राओं में मीडिया की समझ

Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya, Bochahan, Muzaffarpur
Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya, Bochahan, Muzaffarpur
अप्पन समाचार और मिशन आई महिला समाख्या के सहयोग से मुजफ्फरपुर में संचालित 16 कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय में नागरिक पत्रकारिता का प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है। यह कार्यक्रम 5-6 महीने से चलाया जा रहा है। करीब 1600 दलित, महादलित और पिछड़ी बिरादरी की बालिकाओं के साथ लेखन और कैमरा चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। अप्पन समाचार के संस्थापक सदस्य और कार्यक्रम समन्वयक अमृतांज इन्दीवर इन बच्चिओं को मीडिया की बारीकिओं से अवगत करा रहे है। ये लड़कियाँ अब पीटीसी करती हैं, कैमरा चलती हैं, साक्षात्कार लेती हैं, योजनाओं के बारे में बहुत कुछ जान रही है। मिडिया क्या होता है, इन बालिकाओं को जानकारी है।

गुरुवार, 10 जनवरी 2013

अप्पन समाचार की खुशबू का लेख चरखा में

अप्पन समाचार की लड़कियों के लिखे लेख अब दूसरी पत्र -पत्रिकाओं में भी प्रकाशित होने लगे हैं। अप्पन समाचार की एंकर खुशबू के लेख चरखा की पत्रिका "RURAL VOICES"  के  अक्टूबर-दिसंबर 12 के अंक में प्रकाशित हुआ है। यह अप्पन समाचार की सफलता है। गाँव की लड़कियाँ भी बड़े अखबारों और पत्रिकाओं में छपने लगी हैं।

शनिवार, 5 जनवरी 2013

अप्पन समाचार को मिला प्रोजेक्टर

एआरडी जर्मन टीवी के एशिया ब्यूरो संजय कुमार जी ने अप्पन समाचार को एक प्रोजेक्टर डोनेट किया है। गत धनतेरस के दिन पटना में संजय जी ने अप्पन समाचार के संतोष सारंग को यह प्रोजेक्टर दिया। संजय जी ने अप्पन समाचार को आगे ले जाने के लिए कई सुझाव दिए। संजय कुमार जी अप्पन समाचार के सम्पादकीय सलाहकार भी हैं। अप्पन समाचार की पूरी टीम संजय जी के इस बहुमूल्य योगदान के लिए धन्यवाद् के साथ ढेरों शुभकामनाएं दीं। आपको बता दें कि अप्पन समाचार के पास गत तीन सालों से प्रोजेक्टर नहीं होने के कारण यह आन्दोलन धीमी पर गया था। प्रोजेक्टर मिलते ही इस मिडिया आन्दोलन को गति मिलने लगी है।

अप्पन समाचार पर INext की Exclusive Report