सोमवार, 13 अगस्त 2012

कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय की छात्रायों ने भी थामा कैमरा

अप्पन समाचार  कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय की छात्राओं के साथ नागरिक पत्रकारिता पर काम शुरू किया है. इसके लिए मिशन आई और महिला सामाख्या तकनीकी और आर्थिक मदद कर रही है. फ़िलहाल दस प्रखंडों में ये छात्राएं ट्रेनिंग के साथ रिपोर्टिंग कर रही हैं.  मुजफ्फरपुर के सकरा, मुशहरी, कटरा, गायघाट, बोचहाँ, बंदरा, मीनापुर, मुरौल, औराई, काँटी प्रखंडों की 1000 छात्राएं कैमरा और ट्राईपोड संभाल रही हैं. इस कार्यक्रम को अमृतांज इन्दीवर दिशा देने में  जुटे हैं.

शुक्रवार, 10 अगस्त 2012

सोमवार, 28 मई 2012

ग्रामीण मीडिया प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न

अप्पन समाचार टीम का क्षमतावर्धन करने के लिए मिशन आई इंटरनॅशनल सर्विस एवं बिहार महिला समाख्या सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में 24 से 26 मई तक तीन दिवसीय "ग्रामीण मीडिया प्रशिक्षण कार्यशाला" का आयोजन हुआ.

दूरदर्शन केंद्र, मुजफ्फरपुर का विजिट

मुजफ्फरपुर दूरदर्शन केंद्र से बाहर निकलती अप्पन समाचार की टीम  
अप्पन समाचार की 13 सदस्यीय टीम ने 25 मई 2012 को दूरदर्शन केंद्र, मुजफ्फरपुर का विजिट किया. दूरदर्शन केंद्र के संजय कुमार पांडे, देशबंधुजी ने टीम की लड़कियों को स्टूडियो, मेकअप रूम, एडिटिंग रूम आदि  दिखाया. अप्पन समाचार की प्रोड्यूसर रिंकू कुमारी ने दूरदर्शन केंद्र के विडिओ एडिटर से सम्पादन आदि के बारे में जानकारी हासिल किया.  दूरदर्शन के निदेशक पी के झा ने अप्पन समाचार के काम की सराहना की. टीम में रिंकू कुमारी, खुशबू कुमारी, रेनू कुमारी, अश्विनी कुमारी, अनीता कुमारी, माधुरी कुमारी, पिंकी कुमारी, रूपा आदि शामिल थी. अप्पन समाचार के संस्थापक संतोष सारंग, राजेश कुमार, फूलदेव पटेल भी टीम के साथ मौजूद थे.

मंगलवार, 24 अप्रैल 2012

अप्पन समाचार का वितरण

मिशन आई द्वारा प्रकाशित मासिक समाचार चिटठा "अप्पन समाचार" के वितरण से पूर्व तैयारी करती टीम की सदस्य खुशबू कुमारी. यह चिटठा फ़िलहाल ४ पेज में प्रकाशित किया जा रहा है. दिसंबर २०११ से इसका प्रकाशन शुरू किया गया है. चिटठा के साथ-साथ चैनल का काम भी चल रहा है.

बुधवार, 4 अप्रैल 2012

अप्पन समाचार बना शोध का विषय

Research Scholar  Archana Bharti, with Santosh Sarang
भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की छात्रा अर्चना भारती ने प्री-पीएचडी कोर्से वर्क में अप्पन समाचार को रिसर्च प्रैक्टिस का विषय बनाया है. इस क्रम में अर्चना मार्च में अप्पन समाचार के संस्थापक संतोष सारंग से मुजफ्फरपुर में मिल कर अप्पन समाचार से जुड़ी तमाम जानकारियां हासिल की. अर्चना रिसर्च स्कॉलर है. फिलवक्त वह मास कम्युनिकेशन में प्री-पीएचडी कोर्से वर्क कर रही हैं. वर्धा से मास कम्युनिकेशन में एमफिल कर चुकी हैं.

गुडगाँव की आवाज में गूंजेगा अप्पन समाचार

Saumya Jha, Dy. Station Head, Gurgaon ki Awaj
Soumya interviewing Santosh Sarang & team members.
हरियाणा का चर्चित कम्युनिटी रेडियो "गुडगाँव की आवाज" की डिप्टी स्टेशन हेड सौम्या झा २ अप्रैल २०१२ को मुजफ्फरपुर के चान्द्केवारी, रामलीला गाछी पहुँच कर अप्पन समाचार की टीम से मिली. उन्होंने अप्पन समाचार के संस्थापक संतोष सारंग, टीम की सदस्य खुशबू कुमारी, अश्विनी कुमारी, पिंकी कुमारी, सविता, अनीता का इंटरव्यू रिकॉर्ड किया. साहेबगंज प्रखंड के हुस्सेपुर परनी छपड़ा गाँव में महिलायों की एक टीम द्वारा गाए गये लोक गीतों, विवाह गीतों और खेती-बारी से सम्बंधित गीतों को भी रिकार्ड किया. रिकॉर्ड किये गये इंटरव्यू व् गीतों को "गुडगाँव की आवाज" प्रसारित करेगा.  सौम्या अप्पन समाचार कार्यालय भी गयीं और इसकी तमाम गतिविधियों  के बारे में जानकारी हासिल की. इस दौरान पत्रकार आनंद मूर्ति, अप्पन समाचार के अमृतांज इन्दीवर, राजेश कुमार, पंकज सिंह आदि मौजूद थे.

सोमवार, 12 मार्च 2012

डायचे वैली ने अप्पन समाचार पर स्टोरी प्रसारित किया

डायचे वैली ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर अप्पन समाचार की सफलता की कहानी प्रसारित किया है. आधे घंटे की स्टोरी में करीब ७ मिनट की एक स्टोरी अप्पन समाचार पर फोकस थी. ६ और ७ मार्च २०१२ को दुनिया भर में यह स्टोरी दिखाई गयी है. इस स्टोरी पर दर्शकों का फीड बैक भी अप्पन समाचार की टीम को मिला है. इससे अप्पन समाचार की पूरी टीम उत्साहित है. इस लिंक पर जाकर देखें स्टोरी  http://www.dw.de/dw/episode/9798/0,,15756920,00.html